मांझागढ़ (गोपालगंज)। माघ शुक्ल पक्ष की बसंत पंचमी के अवसर पर शुक्रवार को मांझागढ़ प्रखंड के विभिन्न गांवों और मोहल्लों में ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा-अर्चना धूमधाम और श्रद्धा के साथ की गई। इस अवसर पर जगह-जगह पंडालों में मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर छात्र-छात्राओं और श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा कर सद्बुद्धि की कामना की।

सनातन परंपरा के अनुसार माघ शुक्ल पंचमी को मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था। इसी उपलक्ष्य में बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है। मान्यता है कि विधिपूर्वक मां सरस्वती की आराधना करने से ज्ञान, विवेक और सद्बुद्धि की प्राप्ति होती है। श्रद्धालुओं का कहना है कि धन-दौलत नश्वर है, जिसे छीना या चुराया जा सकता है, जबकि ज्ञान ऐसा अनमोल धन है जिसे कोई छीन नहीं सकता।

मांझागढ़, भवानीगंज, शाहपुर धर्मप्रसाद, मिश्रवलिया, अलापुर, मुजौना, पिपरा, फुलवरिया, बाबू टोला, कोइनी, दानापुर, भड़कुइया, छवही गौसिया, मधुसरैया, सहलादपुर, पैठान पट्टी, भैसही, निमुइया, पुरैना, लंगतु हाता, झझवा पथरा सहित कई स्थानों पर पंडालों में प्रतिमाएं स्थापित कर शांतिपूर्ण वातावरण में पूजा संपन्न कराई गई। वहीं कई श्रद्धालुओं ने अपने घरों में भी मां सरस्वती के चित्र पर प्रसाद चढ़ाकर पूजा-अर्चना की।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मांझागढ़ थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस बल लगातार विभिन्न क्षेत्रों में गश्त करता रहा। समाचार लिखे जाने तक कहीं से किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।