कुचायकोट प्रखंड स्थित सासामुसा चीनी मिल में मिल को चालू करने और बकाया भुगतान की मांग को लेकर किसान संघर्ष समिति के बैनर तले किसानों व कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को दसवें दिन भी तेज बना रहा। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और मिल बंद किए जाने की किसी भी सूरत में अनुमति नहीं देने की चेतावनी दे रहे हैं।
धरनास्थल पर मौजूद किसानों और कर्मचारियों ने कहा कि मिल बंद होने से सैकड़ों परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे। प्रदर्शनकारियों ने दो टूक कहा कि वे जान दे देंगे, लेकिन मिल को कटने या बंद होने नहीं देंगे। इस बीच स्थानीय विधायक अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय ने धरनास्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया कि हर हाल में मिल को चालू कराया जाएगा।
विधायक ने बताया कि सरकार स्तर पर मिल संचालन को लेकर प्रावधान मौजूद है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री से बातचीत हुई है और 25 दिसंबर को वे स्वयं नीतीश कुमार से मिलकर प्रदर्शनकारियों की समस्याओं से अवगत कराएंगे, ताकि किसानों को लाभ मिल सके और बकाया भुगतान सुनिश्चित हो सके।
मिल चालू कराने और बकाया भुगतान की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल पटना रवाना हो गया है। इस दल में मो. तौहीद, ध्रुप प्रसाद, मो. मतीन सहित अन्य शामिल हैं, जो स्थानीय विधायक से मिलकर अपनी मांगों को औपचारिक रूप से रखेंगे।
धरना में पूर्व जिला पार्षद सत्येंद्र बैठा, प्रखंड अध्यक्ष मो. तौहीद, सत्येंद्र सिंह, गुड्डू कुशवाहा, सुनील यादव, पूर्व मुखिया पशुपतिनाथ तिवारी उर्फ बड़कू तिवारी, विधायक प्रतिनिधि छोटन पांडेय, शैलेश पांडेय, मुखिया प्रतिनिधि जयप्रकाश प्रसाद, शिवजी कुशवाहा, मुकेश प्रसाद सिंह, आयुष तिवारी, उप मुखिया मुरारी साह, मनोज राय, मो. मतीन, हरकेश सिंह, गया मिश्रा, मो. सईदुल्लाह, अनवर अली, मदन प्रसाद सहित सैकड़ों किसान और कर्मचारी शामिल रहे।
