आवारा कुत्तों की गणना के साथ ही उच्च शिक्षण संस्थानों के परिसरों में उनसे बचाव के लिए उच्च शिक्षा निदेशक, प्रयागराज ने नोडल अधिकारी नामित करने का आदेश जारी किया है। यह आदेश Supreme Court of India के निर्देशों के अनुपालन में जारी किया गया है। इसके तहत प्रदेश के सभी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों और विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को आदेश को सख्ती से लागू कराने के निर्देश दिए गए हैं।

उच्चतम न्यायालय में दाखिल सिविल सू-मोटो रिट पिटीशन संख्या 5/2025 सिटी हाउंड बाई स्ट्रे, किड्स पे प्राइज में अगस्त और नवंबर माह में पारित आदेशों के अनुसार सभी संस्थानों में आवारा कुत्तों से बचाव के लिए प्रभावी उपाय किए जाने हैं। इन्हीं आदेशों के अनुपालन में शासन के पत्र के हवाले से मंगलवार को उच्च शिक्षा निदेशक ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को नोडल अधिकारी नामित करने और जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है।

इस आदेश को लेकर शिक्षाविदों में चर्चा का माहौल है, जबकि शिक्षक संगठनों ने इसे लेकर नाराजगी जताई है। आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर संस्थानों में आगे की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।