देवरिया। गोरखपुर–देवरिया मार्ग ओवरब्रिज से सटी अवैध अब्दुल गली शाह बाबा मजार को रविवार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया। मजार गिराने की कार्रवाई करीब चार घंटे तक चली। इस दौरान मजार परिसर और आसपास के इलाकों को पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था।

सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी की शिकायत पर हुई जांच में मजार का निर्माण सरकारी भूमि पर अवैध रूप से पाया गया था। इसके बाद जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के आदेश पर मजार समिति को अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया। तय प्रक्रिया के तहत दोपहर में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम श्रुति शर्मा, सीओ संजय कुमार रेड्डी, तहसीलदार केके मिश्र और कोतवाल विनोद कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में तीन बुलडोजर लगाकर मजार गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

कार्रवाई के दौरान ओवरब्रिज, मजार परिसर और आसपास के मार्गों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। करीब 250 पुलिसकर्मियों, 18 उपनिरीक्षकों और डेढ़ सेक्शन पीएसी की तैनाती की गई थी। मुख्य गुंबद गिराने के समय लगभग एक घंटे तक आवागमन बाधित रहा, जिसे बाद में बहाल किया गया। अंधेरा होने पर कार्रवाई रोक दी गई और शेष ढांचे को अगले दिन गिराने के निर्देश दिए गए।

मजार गिरते देख बड़ी संख्या में लोग दूर से कार्रवाई देखते रहे। कुछ लोग छतों से वीडियो बनाते दिखे। मौके पर पहुंचे सपा जिलाध्यक्ष व्यास यादव को पुलिस ने धारा 144 का हवाला देते हुए राजनीतिक गतिविधि न करने की हिदायत दी, जिसके बाद वे लौट गए।