देवरिया।
मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को विकास भवन स्थित गांधी सभागार में जिला स्तरीय सलाहकार समिति (डीसीसी) और जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) की दिसंबर 2025 तिमाही बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में बैंकिंग सेवाओं की प्रगति, वार्षिक ऋण योजना की उपलब्धि तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत ऋण वितरण की समीक्षा करना था।

बैठक में सबसे पहले जनपद के ऋण-जमा अनुपात और वार्षिक ऋण योजना की बैंकवार समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि दिसंबर 2025 तक वार्षिक ऋण योजना के 5,63,069.65 लाख रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 4,75,072.25 लाख रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है, जो कुल लक्ष्य का 84.37 प्रतिशत है। कृषि क्षेत्र में 73.40 प्रतिशत और प्राथमिकता क्षेत्र में 53.17 प्रतिशत उपलब्धि को संतोषजनक बताया गया, हालांकि सुधार की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।

मुख्य विकास अधिकारी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जनपद का ऋण-जमा अनुपात 42.91 प्रतिशत है, जो राज्य के औसत 59 प्रतिशत से काफी कम है। उन्होंने सभी बैंकों को निर्देश दिया कि इस अनुपात को जल्द से जल्द बढ़ाया जाए। विशेष रूप से उन बैंकों को चेतावनी दी गई जिनका सीडी रेशियो 40 प्रतिशत से कम है। साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों को सीसीएल ऋण वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड, स्वयं सहायता समूह, व्यवसाय ऋण, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, पीएमएफएमई, एक जनपद एक उत्पाद, माटी कला योजना और पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं के तहत ऋण स्वीकृति और वितरण को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया।

भारतीय रिजर्व बैंक के अग्रणी अधिकारी ने ‘आपकी कुंजी आपका अधिकार’ अभियान के तहत प्रत्येक बैंक शाखा में खाताधारकों की सूची उपलब्ध रखने और बैंक सखी व समूह सखी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों से संपर्क कर उनकी जमा राशि वापसी सुनिश्चित करने की बात कही। साथ ही ऋण आवेदनों के त्वरित निस्तारण के निर्देश भी दिए गए।

अग्रणी जिला प्रबंधक आर.एस. प्रेम ने पुराने नोट बदलने और नए सिक्कों के वितरण के लिए सभी बैंक शाखाओं में विशेष कैंप लगाने का प्रस्ताव रखा, जिस पर अधिकारियों ने सहमति जताई।

बैठक में सांसद देवरिया सदर के ओएसडी अभिषेक पाण्डेय, आरबीआई के अग्रणी अधिकारी समशुद्दीन, डीसी एनआरएलएम आलोक पाण्डेय, जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार सिंह, पीडी डीआरडीए अनिल कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बैंकों के वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद रहे। अंत में अग्रणी जिला प्रबंधक ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए बैठक का समापन किया।