जागरण संवाददाता, गोपालगंज। सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बुधवार की शाम छह बजे से रात आठ बजे तक इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक दो घंटे तक लापता रहे। इस दौरान इलाज कराने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई मरीज बिना इलाज के वार्ड में बैठे रहे और कुछ को मजबूरी में निजी क्लीनिक का रुख करना पड़ा।
बढ़ती शिकायत और भीड़ को देखते हुए अस्पताल के उपाधीक्षक मौके पर पहुंचे। उन्होंने मरीजों को शांत कराया और खुद उपचार की व्यवस्था संभाली। इसके बाद मरीजों को राहत मिली, लेकिन चिकित्सकों की अनुपस्थिति ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
अस्पताल प्रबंधक जान मोहम्मद ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही सिविल सर्जन को अवगत कराया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सक की अनुपस्थिति की समस्या आम है। जरूरतमंद मरीजों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। परिजन दोषी चिकित्सकों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
यह घटना न केवल मरीजों की पीड़ा को बढ़ाती है, बल्कि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों को भी उजागर करती है। लोगों को उम्मीद है कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में जल्द ही ठोस कदम उठाएंगे।
