महायोजना 2031 के प्रस्तावित नक्शे को लेकर देवरिया शहर और आसपास के गांवों के भू-स्वामियों में हड़कंप मच गया है। भूमि प्रयोजन में बदलाव और मकानों पर संकट को लेकर अब आवाज़ उठने लगी है।
बुधवार को उमानगर-रामनाथ देवरिया के लोगों ने सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। महायोजना 2031 में शहर और आसपास के 74 गांवों के 6478 गाटा की भूमि को शामिल किया गया है। इनमें से कई गाटा पर पहले से मकान बने हुए हैं, जिससे लोगों को अपने घर ध्वस्त होने की चिंता सताने लगी है।
लोगों ने बताया कि डूडा कार्यालय में अब द्वितीय और तृतीय तल सहित खाली भूमि पर मकान बनाने के लिए नक्शा पास नहीं हो रहा है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि सीसी रोड देवरिया-रामनाथ अंदर नगर से रुद्रपुर रोड तक की सड़क, जिसे मौजूदा मास्टर प्लान में 9 मीटर चौड़ी दिखाया गया था, रिवाइज्ड प्लान में 18 मीटर चौड़ी कर दी गई है। इससे सौ से अधिक मकानों के प्रभावित होने की आशंका है।
लोगों की चिंता है कि इस तरह की योजना से सैकड़ों परिवार बेघर हो सकते हैं। इसी तरह शहर की कई अन्य सड़कों की चौड़ाई भी बढ़ाई गई है।
सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने लोगों को आश्वस्त किया कि महायोजना मुख्य रूप से नए बनने वाले भवनों पर लागू होगी और इस मुद्दे पर उच्चाधिकारियों से वार्ता की जाएगी।
