देवरिया जिले में रसोई गैस का संकट लगातार गहराता जा रहा है, जिससे आम उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। हालात ऐसे हैं कि लोग सुबह होते ही गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर पहुंच जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें आसानी से सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। कई उपभोक्ताओं को घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
शहर की प्रमुख गैस एजेंसियों पर सुबह से ही भीड़ उमड़ने लगती है। लोग इस उम्मीद में गोदामों के बाहर पहुंचते हैं कि शायद तत्काल बुकिंग कर उन्हें भरा हुआ सिलेंडर मिल जाए। वहीं ई-केवाईसी कराने और रिफिल बुक कराने के लिए भी एजेंसियों पर लंबी-लंबी लाइनें लगी रहती हैं। आशा गैस सर्विस और देवरिया गैस सर्विस पर हर दिन भारी भीड़ देखी जा रही है।
स्थिति यह भी है कि कहीं दूसरे के नाम पर सिलेंडर उठाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं, तो कहीं उपभोक्ता ई-केवाईसी की प्रक्रिया को लेकर भटक रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं। वहां की गैस एजेंसियों पर भी सुबह से ही भीड़ जुटनी शुरू हो जाती है। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी सिलेंडर पाने के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आते हैं।
उपभोक्ताओं का कहना है कि जल्द आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई तो संकट और गंभीर हो सकता है।

