बरहज क्षेत्र में बिजली चोरी रोकने के उद्देश्य से लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर अब उपभोक्ताओं के लिए नई परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने आरोप लगाया है कि बकाया अधिभार जमा करने के बावजूद भी कई घरों और दुकानों की बिजली आपूर्ति समय पर बहाल नहीं हो रही, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि ठेकेदारों द्वारा खासकर मध्यम वर्गीय परिवारों के घरों में जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। रिचार्ज आधारित इस व्यवस्था में बैलेंस खत्म होते ही बिजली आपूर्ति तुरंत बंद हो जाती है, जिससे अचानक अंधेरा छा जाता है। गर्मी के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है, क्योंकि लोगों को भीषण गर्मी के साथ-साथ सांप-बिच्छू जैसे खतरों का भी सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी बिरजू ने बताया कि उनकी दुकान का कनेक्शन पिछले एक सप्ताह से कटा हुआ है। बकाया जमा करने के बावजूद अब तक बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। वहीं मनोज कुशवाहा ने कहा कि पहले भुगतान के तुरंत बाद बिजली बहाल हो जाती थी, लेकिन अब कई दिनों तक विभाग के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
मनीष कुमार चौहान ने भी रिचार्ज खत्म होने के बाद लंबे समय तक बिजली न मिलने से अपने कामकाज में बाधा आने की बात कही।
उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था की समीक्षा कर पुराने मीटर दोबारा लगाने की मांग की है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता अरविंद सिंह गौतम ने बताया कि यह समस्या उच्च स्तर से जुड़ी है, जिस पर स्थानीय स्तर पर निर्णय लेना संभव नहीं है।

