देवरिया, 20 मार्च 2026। फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत पथरदेवा ब्लॉक के आयुष्मान आरोग्य मंदिर दुलारपट्टी में शुक्रवार को प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रभात रंजन की अध्यक्षता में पीएसपी (पेशेंट स्टेक होल्डर प्लेटफार्म) का गठन किया गया। सीएचओ के नेतृत्व में बने इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से फाइलेरिया मरीजों को एमएमडीपी (रुग्णता प्रबंधन एवं दिव्यांगता निवारण) का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम में मरीजों को एमएमडीपी किट वितरित की गई, जिससे वे घर पर ही अपने प्रभावित अंगों की साफ-सफाई और देखभाल कर सकें। साथ ही व्यायाम से सूजन कम करने के उपाय भी बताए गए। इस दौरान दस मरीजों को किट प्रदान की गई और सीएचओ द्वारा डेमो के जरिए सही तरीके से सफाई करने की जानकारी दी गई।
डॉ. प्रभात रंजन ने बताया कि फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के जरिए फैलने वाली गंभीर बीमारी है, जिसके लक्षण कई वर्षों बाद सामने आते हैं। समय पर पहचान और नियमित दवा सेवन से इससे बचाव संभव है। उन्होंने साफ-सफाई, नियमित व्यायाम और देखभाल को जरूरी बताया।
सीएचओ सविता ने मरीजों को संक्रमण से बचाव और सूजन कम करने के तरीके समझाए। उन्होंने कहा कि एमएमडीपी किट मरीजों के लिए बेहद उपयोगी है और इससे बीमारी के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
इस अवसर पर बीपीएम नागेंद्र मल्ल, एचएस ईश्वरेन्द्र लाल, बीएचडब्ल्यू राकेश, सीफार और पाथ संस्था के प्रतिनिधि, सीएचओ शबनम, डीसीजी सदस्य अशोक, एएनएम सरस्वती, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।

