देवरिया जिले के भागलपुर क्षेत्र में रसोई गैस की किल्लत के बीच कालाबाजारी के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। एचपी गैस एजेंसी सहित कई एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं, वहीं लोगों का आरोप है कि बुकिंग के बावजूद सिलिंडर समय पर नहीं मिल रहा। इससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है और नाराजगी भी साफ नजर आ रही है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि घरेलू गैस सिलिंडर खुलेआम होटल, रेस्टोरेंट और ठेलों पर इस्तेमाल हो रहे हैं, जो सीधे तौर पर कालाबाजारी की ओर इशारा करता है। बावजूद इसके प्रशासन केवल दुकानदारों पर कार्रवाई कर रहा है, जबकि गैस एजेंसियों की भूमिका की जांच नहीं की जा रही। लोगों का सवाल है कि जब वितरण एजेंसी के माध्यम से होता है तो सिलिंडर आखिर ब्लैक कैसे हो रहे हैं।
पथरदेवा निवासी सोबराती और अन्य उपभोक्ताओं का आरोप है कि कई मामलों में उपभोक्ताओं के नाम पर बुक सिलिंडर किसी और को बेच दिए जा रहे हैं। कुछ लोगों के खाते में सब्सिडी का पैसा पहुंच गया, लेकिन उन्हें सिलिंडर नहीं मिला। इससे संदेह और गहरा हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, एजेंसियों पर उपभोक्ताओं के दस्तावेज मौजूद रहते हैं, जिनका इस्तेमाल कर फर्जी बुकिंग की जाती है। ऐसे सिलिंडर सीधे बाजार में ऊंचे दामों पर बेचे जा रहे हैं। जानकारों का कहना है कि अगर प्रशासन निष्पक्ष जांच कराए तो पूरा नेटवर्क सामने आ सकता है, क्योंकि हर बुकिंग और डिलीवरी का रिकॉर्ड मौजूद होता है।
फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई केवल दुकानदारों तक सीमित है, जिससे असली जिम्मेदारों पर सवाल उठ रहे हैं और लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

