देवरिया जिले में रसोई गैस का संकट अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। हालात यह हैं कि करीब 37 हजार उपभोक्ताओं का बैकलॉग बना हुआ है, जबकि प्रतिदिन केवल लगभग 13 हजार सिलिंडरों की ही आपूर्ति हो पा रही है। दूसरी ओर, रोजाना करीब 10 हजार नए उपभोक्ता गैस बुकिंग करा रहे हैं, जिससे मांग और आपूर्ति के बीच अंतर अभी भी बना हुआ है।
होली के बाद अचानक बढ़ी मांग ने जिले की गैस वितरण व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। जिले में करीब 78 गैस एजेंसियों के माध्यम से साढ़े सात लाख से अधिक घरेलू कनेक्शन धारक हैं। त्योहार के दौरान सिलिंडर तेजी से खाली हुए और आपूर्ति कम रहने के कारण 10 से 15 मार्च के बीच हालात बेहद खराब हो गए। हर एजेंसी और गोदाम पर लंबी कतारें लग गईं।
प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए होम डिलीवरी व्यवस्था को फिर से सक्रिय किया और पेट्रोलियम कंपनियों के साथ बैठक कर आपूर्ति बढ़ाने का प्रयास किया। इसके बाद अब आपूर्ति बढ़कर करीब 13 हजार सिलिंडर प्रतिदिन तक पहुंच गई है, जिससे कुछ हद तक राहत मिलने लगी है।
जिलापूर्ति अधिकारी संजय पांडेय के अनुसार, पहले दैनिक बुकिंग 20 हजार से ऊपर पहुंच गई थी, जो अब घटकर करीब 10 हजार रह गई है। लगातार आपूर्ति बढ़ने से बैकलॉग भी धीरे-धीरे कम हो रहा है। उम्मीद है कि ईद के बाद स्थिति में और सुधार होगा।
फिलहाल उपभोक्ताओं को अब भी समय पर सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बनी हुई है।

