देवरिया जिले के लार रोड क्षेत्र से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां अपने ही बड़े भाई की हत्या के आरोप में सजा काट रहे एक कैदी की वाराणसी सेंट्रल जेल में मौत हो गई। मृतक की पहचान मईल थाना क्षेत्र के बभनियांव गांव निवासी 64 वर्षीय धनंजय दुबे के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2010 में पारिवारिक बंटवारे के विवाद को लेकर धनंजय दुबे ने अपने बड़े भाई विजयशंकर दुबे की हत्या कर दी थी। इस मामले में वर्ष 2013 में अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सजा के बाद कुछ समय तक वह जिला जेल में रहा, लेकिन वर्ष 2014 में उसे वाराणसी सेंट्रल जेल स्थानांतरित कर दिया गया, जहां वह लगातार सजा काट रहा था।
परिजनों के मुताबिक, बीते कुछ समय से उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं चल रही थी और वह अक्सर बीमार भी रहता था। रविवार की रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। जेल प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया और परिजनों को भी इसकी सूचना दी।
हालांकि इलाज के दौरान उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना की सूचना मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार को वाराणसी के राजा हरिश्चंद्र घाट पर उसका अंतिम संस्कार किया गया।
इस घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। वहीं जेल प्रशासन का कहना है कि कैदी को समय रहते इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया था, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।

