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Monday, March 30, 2026
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Homeगोपालगंजशाहिद मनीष तिवारी के पिता से किए मुलाकात

शाहिद मनीष तिवारी के पिता से किए मुलाकात

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गोपालगंज जिले के भोरे थाना क्षेत्र के पंचायत राज चकरवा खास में आज जनसुरज के सूत्रधार प्रशांत किशोर का हुआ आगमन वही प्रशांत किशोर ने चाफवा गाँव निवासी मार्कंडेय तिवारी के घर पहुंच कर मार्कंडेय तिवारी का हाल जाना और शाहिद मनीष तिवारी के स्मारक का भी निरीक्षण किया और शहीद मनीष तिवारी के शहीद होने पर पक्ष विपक्ष के तमाम राजनीतिक दलों के नेता अपनी-अपनी वादा किए लेकिन अपनी बातों से मुकर गए बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए तमाम पार्टियों की वादे पूरा करना और न करने की बातों को लेकर तमाम दलों के नेता लोगों से सीधे वार्तालाप कर रहे हैं वही आज विजयीपुर और कटेया में होने वाले प्रशांत किशोर के रैली के बीच भोरे विधानसभा के चकवा गांव में शहीद मनीष तिवारी के स्मारक स्थाली पे पहुँचे जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर प्रशांत किशोर ने शाहिद मनीष तिवारी के स्मारक स्थाली से कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी या एनडीए की सरकार कब तक जय जवान जय किसान के नारे देते रहेगी और जवानों की शहीद होने पर अपनी बड़ी-बड़ी बातें कर वादे से मुकरति रहेगी वही पीके ने स्थानीय विधायक और बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार पे जमकर बरसे और प्रशांत किशोर ने कहा यदि आप वादे करते हैं तो वादे पर खडा उतरने के भी कम कीजिए अन्यथा यह जुमलेबाजी की सरकार नहीं चलेगी यदि आप लोगों ने मनीष तिवारी की स्मारक बनाने की बात कही थी तो अभी तक क्यों नहीं बना स्मारक भोरे वायरलेस मोड को शहीद मनीष तिवारी चौक के नाम से जाना जाएगा तो क्या हुआ? वही पीके के साथ हजारों कार्यकर्ता मनीष तिवारी के शहीद स्मारक पर पहुंचे और शहीद मनीष तिवारी के पिता मार्कंडेय तिवारी से मिले और बातचीत किए वही मौके पर भोरे विधानसभा के भावी विधायक प्रत्याशी प्रीति किन्नर भी उपस्थित रही। आपको बतला दें कि मनीष तिवारी जो रजौरी बॉर्डर पर शहीद हुए थे जिनके शहीद होने पर बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री सहित गोपालगंज के प्रभारी मंत्री भी पहुंचे हुए थे और भाजपा जिला अध्यक्ष संदीप गिरी भाजपा के पूर्व विधायक मिथिलेश तिवारी भी शहीद मनीष तिवारी के घर पहुंच कर अपनी संवेदना प्रकट किए हुए थे और शहीद मनीष तिवारी के नाम पर शहीद स्मारक एवं भोरे वायरलेस मोड का नाम बदलकर शहिद मनीष तिवारी के नाम पर रखने की बात कही गई थी लेकिन सवाल यह उठता है कि मनीष तिवारी को शहीद हुए लगभग 6 माह से ज्यादा हो गया लेकिन अभी तक क्या शहीद मनीष तिवारी के नाम पर केवल तमाम दलों के नेता केवल अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रही थी या धरातल पर भी कुछ करेगी इन सभी के बीच मार्कंडेय तिवारी से भी बात जब किया गया उनकी आंखें नम्र हो गई और उन्होंने बोला कि केवल वादे ही किए गए लेकिन उससे कोई फायदा नही हुआ।

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