जिले के मांझागढ़ थाना क्षेत्र के शिकमी ढाला के पास मोहर्रम जुलूस के दौरान दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई।
जुलूस के दौरान रास्ते में मिलान को लेकर शिकमी गांव और छवही तक्की गांव के लोगों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। पत्थरबाजी और लाठी-डंडे चलने लगे। घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।

घायलों की पहचान सामने आई है, जिनमें दोनों गांवों के लोग शामिल हैं।
छवही तक्की गांव से नसीम अंसारी का पुत्र मनु, मुनमुन अंसारी, खुरशेद अंसारी की पत्नी जैनब निशा, छोटक अली का बेटा अफजल अली और शईद अली घायल हैं।
वहीं शिकमी गांव से स्वर्गीय शेख तरसेन के पुत्र तैयब हुसैन और खलीउल जमा को भी चोटें आई हैं।
कुछ को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, अन्य का इलाज निजी नर्सिंग होम में हो रहा है।

घटना की जानकारी मिलते ही मांझागढ़ थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोनों पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।

घायलों के परिजन भी सामने आकर अपना पक्ष रख रहे हैं।
हसमुद्दीन अंसारी ने बताया कि शिकमी गांव के लोग जबरन जुलूस को छवही तक्की के जुलूस में मिलाना चाह रहे थे।
विरोध करने पर हमला कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि हमला एकतरफा और सोची-समझी साजिश का हिस्सा था।

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।
स्थिति सामान्य बनाए रखने के लिए पुलिस की सतत निगरानी जारी है।

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