विजयीपुर अंचल अधिकारी वेद प्रकाश नारायण पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
विजयीपुर अंचलाधिकारी वेद प्रकाश नारायण एक बार फिर विवादों में हैं। समाजसेवी और क्षेत्र पंचायत सदस्य मुरलीधर मिश्र ने उन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और जनविरोधी रवैये की बातें शामिल हैं।
कार्रवाई के बदले पैसे की मांग, RTI सूचना को भी दबाने का आरोप
मुरलीधर मिश्र ने आरोप लगाया कि भूमि विवादों की शिकायतों को जानबूझकर लंबित रखा जाता है और कार्रवाई के बदले फरियादियों से मोटी रकम की मांग की जाती है। RTI के तहत मांगी गई जानकारियों को भी अंचल कार्यालय में रोका जा रहा है।
न्यायालय आदेश के बावजूद जमीन पर रोक, बुजुर्ग को धमकाने की शिकायत
घाट बंधौरा निवासी क्यामुद्दीन अंसारी ने बताया कि कोर्ट आदेश के बावजूद उन्हें अपनी जमीन पर जाने से रोका गया। वहीं हंकारपुर के प्रभुनाथ प्रसाद को अनुमंडल न्यायालय हथुआ का आदेश दिखाने के बावजूद अपमानित किया गया और जेल भेजने की धमकी दी गई।
वैध कागजात के बावजूद विरोधियों को भूमि जोतने की अनुमति, पीड़ितों को अदालत भेजा
रविंद्र पाल और ओमप्रकाश पाल जैसे पीड़ितों ने आरोप लगाया कि वैध कागजात होने के बावजूद उन्हें जमीन जोतने नहीं दिया गया, जबकि विरोधी पक्ष को खुली छूट दी गई। इस मामले में अंचलाधिकारी की निष्क्रियता या मिलीभगत की आशंका जताई गई है।
जांच व निलंबन की मांग, जनआंदोलन की दी चेतावनी
मुरलीधर मिश्र ने जिलाधिकारी, एसडीओ हथुआ और बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री से मांग की है कि अंचलाधिकारी वेद प्रकाश नारायण की संपत्ति और कार्यशैली की जांच कर उन्हें तुरंत विजयीपुर से हटाया जाए। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्होंने जनआंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।

