बरहज (देवरिया), 03 सितम्बर 2025 – महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन योजना के अंतर्गत आज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, बरहज में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सहयोग से PCPNDT एवं MTP अधिनियम पर आधारित रहा।
कार्यक्रम का उद्देश्य बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को सशक्त बनाना, भ्रूण लिंग चयन जैसी कुप्रथाओं पर रोकथाम, तथा महिलाओं के अधिकारों और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना रहा।
इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों, एएनएम (सहायक नर्स मिडवाइफ) सहित स्वास्थ्य विभाग के अनेक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीमती मंशा सिंह, जेंडर स्पेशलिस्ट, हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन, देवरिया ने PCPNDT अधिनियम की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि भ्रूण लिंग परीक्षण पर पूर्णतः प्रतिबंध है तथा इसके उल्लंघन पर कड़ी सजा का प्रावधान है। उन्होंने यह भी बताया कि पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्रों की निगरानी व सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से लिंगानुपात सुधार की दिशा में कार्य हो रहा है।
श्रीमती नीतू भारती, केंद्र प्रशासक, वन स्टॉप सेंटर, देवरिया ने स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय, संयुक्त मॉनिटरिंग और फॉलो-अप की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। उन्होंने संस्थागत प्रसव और सुरक्षित मातृत्व सेवाओं को बढ़ावा देने और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का संदेश जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में श्रीमती मीनू जायसवाल, मनोवैज्ञानिक, वन स्टॉप सेंटर, देवरिया ने कहा कि “लिंग चयन पर रोक लगाना और बेटियों का सम्मान करना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। बेटियाँ ही महिला सशक्तिकरण की नींव हैं।”
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने क्षेत्रों में जाकर भ्रूण लिंग परीक्षण जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता फैलाएंगे और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को जन-जन तक पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाएँगे।

