गोपालगंज व्यवहार न्यायालय इन दिनों नवनिर्मित बहुमंजिला इमारत में संचालित हो रहा है, जहां अधिकांश अदालतें इसी भवन में चल रही हैं। लेकिन इस इमारत में अव्यवस्था और लिफ्ट की खराब व्यवस्था को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ताओं में गहरा आक्रोश है। 50 से 80 वर्ष तक की आयु वाले कई अधिवक्ता अभी भी नियमित रूप से प्रैक्टिस कर रहे हैं, परंतु लिफ्ट के खराब रहने और भीड़ अधिक होने के कारण उन्हें अदालत तक समय पर पहुंचने में भारी समस्या का सामना करना पड़ता है। इससे कई अधिवक्ता प्रैक्टिस छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं।
इन समस्याओं को लेकर मंगलवार को वरिष्ठ अधिवक्ताओं की एक टीम ने व्यवहार न्यायालय के मुख्य गेट पर बैठकर एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। धरने में दर्जनों अधिवक्ता शामिल हुए। उनका कहना है कि बहुमंजिला इमारत में लिफ्ट और एस्केलेटर की व्यवस्था के लिए कई बार जिलाधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की गई, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
धरने पर बैठे वरिष्ठ अधिवक्ता नवनीत कुमार ओझा ने बताया कि लिफ्ट की समस्या के कारण वरिष्ठ अधिवक्ता दिलीप तिवारी की मौत भी हो चुकी है। वे सीढ़ी से अदालत की ओर जा रहे थे, इसी दौरान उन्हें हार्ट अटैक आ गया। अधिवक्ताओं ने कहा कि आज भी कई बुजुर्ग अधिवक्ता सीढ़ियों से आने-जाने को मजबूर हैं, जिससे उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो वे अदालत कार्यों का पूर्ण बहिष्कार करेंगे। उन्होंने इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और न्याय प्रशासन के अधिकारियों पर डाली है।
धरने में नवनीत कुमार ओझा, अवध किशोर सिंह, विशाल राज, बच्चा सिंह, मिथिलेश पाठक, दीपक मिश्रा, देवेंद्र नाथ तिवारी, पिंटू तिवारी सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे।

