गोपालगंज। शहर के माले कार्यालय परिसर से बुधवार को सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की चल रही कार्रवाई के विरोध में माले नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला। जुलूस शहर के डाकघर चौक, आंबेडकर चौक, घोष मोड़ होते हुए मौनिया चौक तक पहुंचा। इस दौरान बुलडोजर राज के खिलाफ नारेबाजी की गई और गरीबों के लिए पहले जमीन उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने बुलडोजर नहीं पर्चा दो, रोजी-रोटी की सुरक्षा दो सहित दलित, गरीब और व्यवसायियों को सुरक्षा देने की मांगों को जोरदार तरीके से उठाया।
मौनिया चौक पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के जिला सचिव इंद्रजीत चौरसिया ने कहा कि चुनाव से पहले प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने दस-दस हजार रुपया देकर जनता को भ्रमित किया और अब सत्ता में आने के बाद गरीबों की झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। उन्होंने राज्य सरकार की इस कार्यवाही की निंदा करते हुए इसे गरीब विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि गंडक नदी के कटाव से वर्षों पहले दर्जनों गांव प्रभावित हुए थे और हजारों परिवार नहर के किनारे बसे हुए हैं। अब उन्हें उजाड़ने की चेतावनी देना अन्याय है।
माले नेताओं ने कहा कि गरीबों को बसाने के लिए जमीन नहीं है, लेकिन बड़े उद्योगपतियों को हजारों एकड़ जमीन मुहैया कराई जा रही है। उन्होंने 1050 एकड़ भूमि आवंटन पर रोक लगाने की मांग की। सभा को जिला कार्यालय सचिव सुभाष सिंह, कर्मचारी संघ के पूर्व जिला अध्यक्ष सुरेश शर्मा, जिला कमेटी सदस्य सुरेंद्र यादव और विद्या प्रसाद ने संबोधित करते हुए कहा कि नहर किनारे बसे परिवारों को हटाने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए। आंदोलन के दौरान हुए पिछले समझौते के अनुरूप प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए।

