मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने गुरुवार को धन्वंतरि सभागार में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) के साथ गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की स्क्रीनिंग को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने बेहतर कार्य करने वाले सीएचओ की सराहना करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।
सीएमओ ने कहा कि 30 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी व्यक्तियों की एनसीडी स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए, जिसमें मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मौखिक, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की जांच शामिल है। उद्देश्य है—बीमारियों का समय पर पता लगाकर उपचार उपलब्ध कराना। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से प्रत्येक क्षेत्र में नियमित स्क्रीनिंग कराने, उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की पहचान, रिपोर्टिंग और उपचार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि एनसीडी कार्यक्रम की गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग होगी और प्रगति संतोषजनक न होने पर कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी के नेतृत्व में भारत विकास परिषद देवरिया के सहयोग से जिला कारागार में निरुद्ध अभियुक्त नूर मुहम्मद उर्फ रेल मुहम्मद (धारा 379, 411 भादंसं, थाना खामपार) को अर्थदंड जमा कर रिहा कराया गया।
28 नवंबर 2025 को सजा पूरी होने के बावजूद आर्थिक तंगी के कारण वह 3500 रुपये का जुर्माना जमा न कर पाने से रिहा नहीं हो पा रहा था। कारागार अधीक्षक द्वारा जानकारी देने पर सचिव ने पराविधिक स्वयंसेवक अमरनाथ शुक्ल को सेवा संस्थाओं से समन्वय कर मदद जुटाने के निर्देश दिए। अमरनाथ शुक्ल ने भारत विकास परिषद गोरक्ष प्रांत से सहयोग प्राप्त किया। अदालत के आदेशानुसार परिषद द्वारा 3500 रुपये जमा किए जाने के बाद नूर मुहम्मद की रिहाई संभव हो सकी।
रिहाई के अवसर पर सचिव ने परिषद अध्यक्ष कुमार गौरव गोयल की सामाजिक सेवा की सराहना की और नूर मुहम्मद को सकारात्मक जीवन जीने तथा समाजहित में योगदान करने की प्रेरणा दी।

