देवरिया जनपद के बेलतरामपुर क्षेत्र के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री सहित जिला प्रशासन को पत्र भेजकर पंचायत राज प्रणाली को मजबूत करने और बिना किसी विलंब के पंचायत एवं नगर निकाय चुनाव कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत राज एक्ट प्रभावी रूप से लागू न होने के कारण जनता न्यायालय और प्रशासनिक कार्यवाही से असंतुष्ट है तथा छोटे-छोटे विवादों में भी न्याय मिलने में देरी हो रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, जिला पंचायत सदस्यों का चुनाव 50 हजार से अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्रों में विकास की उम्मीदों के साथ होता है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में विकास निधि प्राप्त करने में बाधाएं हैं। इसके अलावा ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में पंचायतों के निरस्त होने से जन-समस्याओं का समाधान भी प्रभावित हुआ है। उन्होंने प्रशासन पर लंबित मामलों के निस्तारण में देरी का आरोप लगाया।
ग्रामीणों द्वारा भेजे गए पत्र में प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—
• जिला पंचायत के लिए वार्षिक एक करोड़ रुपये की शासकीय विकास निधि निर्धारित की जाए।
• ब्लॉक प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्षों का चुनाव सीधे आम जनता से कराया जाए।
• जिला पंचायत सदस्यों को 20 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाए।
• सदस्यों को जनप्रतिनिधियों के समान पेंशन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
• ग्राम प्रधानों और पंचायत सदस्यों को शासन द्वारा लाइसेंस/सुरक्षा संबंधी प्रावधान दिए जाएं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि पंचायत राज व्यवस्था को मजबूत करने व चुनाव शीघ्र कराने पर निर्णय नहीं लिया गया, तो वे सरकार के खिलाफ व्यापक आंदोलन की शुरुआत करेंगे।

