माननीय प्रशासनिक न्यायमूर्ति, उच्च न्यायालय, इलाहाबाद श्री शेखर कुमार यादव की अध्यक्षता में शनिवार, 13 दिसंबर 2025 को सुबह 10 बजे देवरिया में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय प्रशासनिक न्यायमूर्ति श्री शेखर कुमार यादव, माननीय जनपद न्यायाधीश श्री धनेन्द्र प्रताप सिंह, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्री बद्री विशाल पाण्डेय तथा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मनोज कुमार तिवारी सहित अन्य न्यायाधीशों द्वारा फीता काटकर, मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
इस अवसर पर न्यायमूर्ति श्री शेखर कुमार यादव ने राष्ट्रीय लोक अदालत को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े गरीबों और असहायों को त्वरित एवं सुलभ न्याय प्रदान करने का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने सभी न्यायाधीशों से अपील की कि न्याय करते समय स्वयं को वादकारी की स्थिति में रखकर विचार करें, जिससे मामलों का शीघ्र एवं न्यायसंगत निस्तारण संभव हो सके।
न्यायमूर्ति के मार्गदर्शन में न्यायाधीशों एवं अधिवक्ताओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई, जिसके परिणामस्वरूप देवरिया जिले में रिकॉर्ड संख्या में मामलों का निस्तारण हुआ। माननीय जनपद न्यायाधीश श्री धनेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा 5 वाद, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्री बद्री विशाल पाण्डेय द्वारा 16 तथा अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्री ब्रजेश मणि त्रिपाठी द्वारा 26 पारिवारिक वादों का निस्तारण किया गया।
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी श्री इफ्तेखार अहमद द्वारा 107 मामलों का निस्तारण कर 7,12,85,000 रुपये का प्रतिकर दिलाया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती मंजू कुमारी द्वारा 1308 वाद तथा अन्य न्यायिक अधिकारियों द्वारा 1577 वाद निस्तारित किए गए। इसके अतिरिक्त राजस्व विभाग, बैंक एवं अन्य विभागों द्वारा 2,18,589 मामलों का निस्तारण किया गया।
इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 2,21,628 मामलों का निस्तारण हुआ तथा प्रतिकर, जुर्माना एवं अन्य मामलों में कुल 26,47,49,405 रुपये की धनराशि का सेटलमेंट किया गया। कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, बैंक कर्मी, पैनल अधिवक्ता, मध्यस्थ, पीएलवी, वादकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री मनोज कुमार तिवारी के अथक प्रयासों से यह लोक अदालत सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

