देवरिया जिले के 17 शहरी और 1122 ग्राम पंचायतों में रोजाना करीब 80 हजार लीटर पानी आरओ प्लांटों से बेचा जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि अधिकांश क्षेत्रों में पाइपलाइन से पानी की आपूर्ति होने के बावजूद लोग आरओ पानी खरीदने को मजबूर हैं।
समस्या यह है कि ज्यादातर आरओ प्लांटों के पानी की शुद्धता की कोई जांच नहीं होती। लोग यह तक नहीं जानते कि पीने वाले पानी का टीडीएस कितना है, जबकि यही गुणवत्ता का पैमाना है। इसके चलते जिले में हर साल बड़ी संख्या में लोग डायरिया, पेचिस और टाइफाइड जैसी जलजनित बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
आरओ पानी का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। अकेले देवरिया शहर में 20 से अधिक आरओ प्लांट सक्रिय हैं। औसतन एक जार 20 रुपये में बिक रहा है और जिलेभर में रोजाना करीब 16 लाख रुपये का पानी बेचा जा रहा है। आरोप है कि कई संचालक खर्च बचाने के लिए समय पर फिल्टर नहीं बदलते, जिससे अशुद्ध पानी की आपूर्ति हो रही है।

