जिले के माझा प्रखंड अंतर्गत गौसिया ग्रामीण क्षेत्र में सोमवार को पशु बांझपन निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य पशुओं में गर्भ न ठहरने जैसी समस्याओं का समाधान करना और पशुपालकों को वैज्ञानिक पशुपालन के प्रति जागरूक करना रहा। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पशुपालकों ने भाग लिया और अपने पशुओं की जांच कराई।
इस संबंध में जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि जिले के सभी प्रखंडों के पशु चिकित्सालय क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से पशु बांझपन निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शिविर के माध्यम से पशुओं में गर्भधारण न होने, दुग्ध उत्पादन में कमी, प्रजनन संबंधी रोगों सहित अन्य समस्याओं की जांच की जा रही है। साथ ही आवश्यक दवाओं का निःशुल्क वितरण भी किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि शिविर का पहला आयोजन 26 दिसंबर को किया गया था, जबकि सोमवार को दूसरे दिन शिविर आयोजित हुआ। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार और बुधवार को भी जिले के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में ऐसे शिविर लगाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक पशुपालकों को इसका लाभ मिल सके।
शिविर के दौरान पशु चिकित्सक डॉ. अंजना कुमारी ने पशुपालकों को पशुओं में होने वाली मौसमी बीमारियों, उनके लक्षण और बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने समय पर टीकाकरण, संतुलित आहार, स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व पर जोर दिया। साथ ही पशुओं के प्रजनन प्रबंधन के प्रति सजग रहने की सलाह भी दी गई।
शिविर में शामिल पशुपालकों ने आयोजन को उपयोगी बताया और कहा कि इस तरह के शिविरों से उन्हें पशुओं की समस्याओं को समझने और उनका समाधान पाने में काफी मदद मिलती है। पशुपालकों ने भविष्य में भी ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की है।

