महर्षि देवरहा बाबा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, देवरिया में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता का एक और उल्लेखनीय उदाहरण सामने आया है। मेडिकल कॉलेज के टीबी एवं श्वांस रोग विभाग ने पेट में पानी भरने की गंभीर समस्या यानी एसाईटिस से पीड़ित एक महिला मरीज का सफल, सुरक्षित और प्रभावी उपचार किया है।
बताया गया कि मरीज पहले कई सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज करा चुकी थीं, लेकिन उनकी स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ। इस दौरान उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ा। अंततः वह मेडिकल कॉलेज देवरिया पहुंचीं, जहां विभागाध्यक्ष डा० अनुराग शुक्ला ने विस्तृत जांच और चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद उपचार शुरू किया।
चिकित्सकीय टीम ने मानक प्रोटोकॉल के तहत थैरेपीयूटिक एसाईटिक टैपिंग प्रक्रिया अपनाई। पहले दिन लगभग दो लीटर और दूसरे दिन भी दो लीटर पानी सुरक्षित रूप से निकाला गया। इस प्रक्रिया में डा० प्रतिभा की सक्रिय भूमिका रही।
इस उपचार के दौरान महाविद्यालय की प्रधानाचार्य डा० रजनी पटेल और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा० एच० के० मिश्रा का निरंतर मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, जिससे पूरी प्रक्रिया सुचारु और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सकी।
उपचार के बाद मरीज की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है और वह चिकित्सकीय निगरानी में तेजी से स्वस्थ हो रही हैं। इस अवसर पर विभागीय टीम के सदस्य डा० कीर्ति अग्रहरी, डा० आदर्श और रविकान्त भी मौजूद रहे।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कहा कि संस्थान आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और कुशल चिकित्सकों के माध्यम से लोगों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

