गोपालगंज। शहर के थाना चौक और विजयीपुर प्रखंड मुख्यालय में शनिवार को आयोजित प्रतिवाद मार्च और सभा के दौरान भाकपा (माले) नेताओं ने सत्ताधारी दल पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया। नेताओं ने कहा कि माले नेता जितेन्द्र पासवान और श्रीराम कुशवाहा को फर्जी मामलों में फंसाकर आजीवन कारावास दिलाया गया है।
सभा को संबोधित करते हुए माले राज्य कमेटी सदस्य रविन्द्र सिंह कुशवाहा ने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई जदयू मंत्री सुनील कुमार की राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में भोरे सीट से माले उम्मीदवार रहे जितेन्द्र पासवान को महज 400 मतों से पराजित घोषित किया गया था, जिसके बाद उन्हें हत्या के झूठे मामले में फंसा दिया गया।
रविन्द्र सिंह कुशवाहा ने कहा कि यह फैसला विपक्ष और जनता की आवाज को दबाने की कोशिश है। उन्होंने इसे भाजपाई साजिश करार देते हुए कहा कि गोपालगंज और बिहार की जनता इसका लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी। उन्होंने यह भी बताया कि इसी मामले में पांच अन्य लोग पहले से आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।
सभा को संबोधित करते हुए माले नेता इन्द्रजीत राम ने कहा कि फर्जी मुकदमों और सजा के जरिए गरीबों के मान-सम्मान और अधिकारों की लड़ाई को रोका नहीं जा सकता। वहीं खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के जिला नेता रमेश बैठा ने मामले की सीबीआई या हाईकोर्ट की निगरानी में जांच कराने, राजनीतिक द्वेष से दर्ज मुकदमों की समीक्षा करने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
सभा में सीता पाल, धर्मेन्द्र चौहान सहित बड़ी संख्या में माले कार्यकर्ता मौजूद रहे।

