देवरिया। मदनपुर थाना क्षेत्र में एक किशोरी का आपत्तिजनक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि शिकायत मिलने के बावजूद पुलिस ने पहले आरोपित युवकों के खिलाफ केवल शांति भंग की धारा में कार्रवाई कर उन्हें छोड़ दिया।
मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने और चर्चा बढ़ने के बाद पुलिस ने सोमवार को आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। हालांकि, इस प्रसारित वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
बताया जा रहा है कि ग्राम हरनही निवासी कुछ युवकों ने करीब पखवारे पहले क्षेत्र के ही एक गांव की किशोरी को एक युवक के साथ खेत में संदिग्ध परिस्थिति में देख लिया था। आरोप है कि युवक के वहां से भाग जाने के बाद युवकों ने किशोरी को घेर लिया और उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया। किशोरी के विरोध के बावजूद युवकों ने वीडियो बनाकर कुछ दिनों बाद उसे इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिया।
वीडियो वायरल होने के बाद पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने आरोपितों को हिरासत में लेकर थाने बुलाया, लेकिन दो दिनों तक पंचायत कर मामले को सुलझाने की कोशिश की गई। इसके बाद पकड़े गए पांचों आरोपितों का शांति भंग की धारा में चालान कर दिया गया।
मामले के तूल पकड़ने और उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर आरोपितों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
इस मामले में हरनही गांव के दिलशाद मुहम्मद, सुरेश मुहम्मद, शाह आलम, नवाब आलम और नितेश शर्मा के खिलाफ पहले शांति भंग की कार्रवाई की गई थी।
थानाध्यक्ष नंदा प्रसाद ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा पाया गया था। युवकों को इसकी जानकारी होने के बाद उन्होंने वीडियो प्रसारित कर दिया। पीड़िता की तहरीर और उच्चाधिकारियों के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

