देवरिया जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से बने देवरिया–बेलडाड़ मार्ग की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। इस मामले में सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी की शिकायत के बाद राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी (एनआरआइडीए) ने जांच के लिए टीम गठित की है। टीम 14 मार्च को सड़क का स्थलीय निरीक्षण करेगी।
जानकारी के अनुसार इस 20 किलोमीटर लंबी सड़क को वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृति मिली थी। सड़क का निर्माण कार्य वर्ष 2024-25 में शुरू हुआ और 2025-26 में पूरा हुआ। पहले सड़क की चौड़ाई करीब 3.75 मीटर थी, जिसे बढ़ाकर 5.50 मीटर कर दिया गया, जिससे इस मार्ग पर यातायात भी बढ़ गया है।
सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर सड़क निर्माण में देरी, खराब गुणवत्ता और अनियमितताओं की शिकायत की थी। उनका कहना है कि सड़क बनने के कुछ समय बाद ही इसमें गड्ढे, दरारें और सतह असमान होने जैसी समस्याएं सामने आने लगी हैं, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शिकायत के बाद एनआरआइडीए ने राष्ट्रीय गुणवत्ता मॉनिटर (एनक्यूएम) संजीव गुप्ता और सीवीएस रामामूर्ति को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। दोनों अधिकारी 14 मार्च को सुबह 9:30 बजे से सड़क का स्थलीय निरीक्षण करेंगे।
जांच टीम ने विधायक से भी निरीक्षण के दौरान उपस्थित रहने या अपने प्रतिनिधि को भेजने का अनुरोध किया है, ताकि सड़क निर्माण की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच हो सके। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता सूर्य प्रकाश ने बताया कि टीम के आने की सूचना मिल चुकी है।

