देवरिया जिले के बरहज क्षेत्र से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। यहां के बरेजी गांव निवासी 27 वर्षीय नितेश राजभर से पिछले 17 दिनों से परिवार का कोई संपर्क नहीं हो पाया है, जिससे घरवालों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। नितेश राजभर अच्छेलाल राजभर के पुत्र हैं और काम के सिलसिले में ईरान गए हुए थे।
परिजनों के मुताबिक नितेश 11 सितंबर 2025 को ईरान गए थे और वहां इलियास शिप मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड की “हसन ईस्ट” नामक जहाज पर फिटर के पद पर कार्यरत थे। परिवार की उनसे आखिरी बार 26 फरवरी को बातचीत हुई थी। इसके दो दिन बाद क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बनने और ईरान पर हमले की खबरें आने के बाद से उनका मोबाइल फोन बंद हो गया और उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका।
नितेश के पिता अच्छेलाल राजभर का कहना है कि बेटे से आखिरी बार 26 फरवरी को बात हुई थी। इसके बाद 28 फरवरी से अमेरिका और इसरायल द्वारा ईरान पर हमले की खबरें आने लगीं। तभी से बेटे का फोन बंद है और परिवार को उसकी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने सरकार और विदेश मंत्रालय से बेटे की तलाश कर सुरक्षित होने की जानकारी दिलाने की मांग की है।
उधर नितेश की पत्नी सुमन भी पति को लेकर काफी परेशान हैं। परिवार में उनकी डेढ़ साल की एक छोटी बेटी भी है, जो पिता के इंतजार में है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एडीएम प्रशासन प्रेम नारायण सिंह ने बताया कि इसकी जानकारी मिलने के बाद विदेश मंत्रालय को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।
इसी बीच मऊ जिले के चक्की मूसादोही गांव निवासी बबलू चौहान के भी ईरान में फंसे होने की खबर सामने आई है। परिजनों के अनुसार उनसे भी 28 फरवरी के बाद से कोई संपर्क नहीं हो पाया है, जिससे दोनों परिवारों की चिंता और बढ़ गई है।
Short Explanation (बोलने के लिए):
देवरिया जिले के बरहज क्षेत्र के बरेजी गांव निवासी नितेश राजभर से पिछले 17 दिनों से परिवार का संपर्क टूट गया है। नितेश ईरान के बुशहर बंदरगाह पर एक जहाज में फिटर के रूप में काम करते थे। परिवार की उनसे आखिरी बार 26 फरवरी को बात हुई थी। इसके बाद ईरान में युद्ध जैसे हालात बनने और हमले की खबरों के बाद से उनका फोन बंद हो गया है। परिवार ने जिला प्रशासन और विदेश मंत्रालय से उनकी सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है। वहीं मऊ जिले का एक युवक भी ईरान में फंसा बताया जा रहा है।

