औरैया से एक बड़ी खबर सामने आई है। गाजियाबाद के कौशांबी से गिरफ्तार किए गए छह संदिग्ध आतंकियों में एक के औरैया जिले से जुड़े होने की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं।
जानकारी के मुताबिक पूछताछ के दौरान इस आतंकी ने अपना संबंध औरैया जिले से बताया है। इसके बाद पुलिस ने उसके बताए गए पते पर जांच की, लेकिन वहां उस नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला। स्थानीय लोगों से पूछताछ करने पर पता चला कि गिरफ्तार व्यक्ति शायद किसी दूसरे मुहल्ले का रहने वाला हो सकता है। अब पुलिस नाम और अन्य सुरागों के आधार पर उसकी सही पहचान और ठिकाने की जानकारी जुटाने में लगी है।
सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं। बताया जा रहा है कि यह गिरोह रेलवे स्टेशन और अन्य संवेदनशील स्थानों के फोटो, वीडियो और लोकेशन भेजने का काम करता था। इसके बदले उन्हें पांच हजार से लेकर बीस हजार रुपये तक मिलते थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर करीब छह महीने पहले सुहेल नाम के आरोपी ने सोलर बेस्ड कैमरा भी लगाया था, जिससे वहां की गतिविधियों की निगरानी की जा रही थी।
बताया जा रहा है कि सुहेल की औरैया के रहने वाले राज वाल्मीकि नाम के युवक से गहरी दोस्ती थी। दोनों ने करीब एक साल पहले तक होटल और ढाबों में साथ काम किया था। बाद में दोनों ने नौकरी छोड़ दी और सुहेल मेरठ चला गया। इसी दौरान राज को पैसों का लालच देकर इस नेटवर्क से जोड़ने की बात भी सामने आ रही है।
पुलिस के मुताबिक राज वाल्मीकि मूल रूप से औरैया के सदर कोतवाली क्षेत्र के बनारसीदास मुहल्ले का रहने वाला बताया गया था, लेकिन वहां इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला। बाद में जानकारी सामने आई कि उसका संबंध पढ़ीन दरवाजा दक्षिणी क्षेत्र से हो सकता है। उसके पिता का नाम देवेंद्र बताया जा रहा है, जिनका पहले ही निधन हो चुका है।
औरैया के पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर सभी तथ्यों की पुष्टि की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े लोगों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकती है।

