देवरिया में रविवार को राष्ट्रीय लोकदल की ओर से आयोजित एक विशाल जनसभा में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने किसानों को संगठित होकर काम करने की जरूरत पर जोर दिया। शहर के चीनी मिल ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सभा को संबोधित करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए केवल खेती ही नहीं, बल्कि व्यापार और बाजार की समझ भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (एफपीओ) के जरिए किसान अपनी उपज को बेहतर बाजार तक पहुंचा सकते हैं और सामूहिक रूप से व्यापार का विस्तार कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से किसानों को सुलभ ऋण उपलब्ध कराने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की सीमा बढ़ाई गई है। हालांकि इन योजनाओं का पूरा लाभ तभी मिल सकता है जब किसान जागरूक होकर समूह बनाकर काम करें और नई तकनीकों को अपनाएं।
जयंत चौधरी ने कहा कि किसान स्वभाव से ही जोखिम उठाने वाला होता है। हर मौसम और हर फसल के साथ किसान मेहनत और जोखिम दोनों उठाता है। यदि किसानों की नई पीढ़ी खेती के साथ व्यापार और प्रबंधन की समझ भी विकसित कर ले, तो गांवों की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आ सकता है।
उन्होंने किसानों से संगठित होकर काम करने और सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।

