देवरिया जिले के बघौचघाट थाना क्षेत्र के कोईरीपट्टी गांव में हुए ससुर की हत्या के मामले में कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया। अपर सत्र न्यायाधीश जगन्नाथ की अदालत ने आरोपी दामाद गोवर्धन राजभर को गैरइरादतन हत्या का दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 21,500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
यह घटना 12 दिसंबर 2020 की है, जब बिहार के गोपालगंज जिले के विजयीपुर थाना क्षेत्र के नौका टोला भरपूरवा निवासी सुखारी राजभर अपनी बेटी सुमित्रा देवी के घर कोईरीपट्टी गांव आए थे। पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने के दौरान आरोपी गोवर्धन राजभर ने गाली-गलौज करते हुए पीछे से कुदाल से सुखारी राजभर के सिर पर वार कर दिया।
इस हमले में सुखारी राजभर गंभीर रूप से घायल हो गए। बीच-बचाव करने पहुंचे नागेंद्र राजभर को भी मारपीट कर घायल कर दिया गया। घायल सुखारी को इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर ले जाया गया, जहां 13 दिसंबर 2020 को उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद मृतक के बेटे की तहरीर पर बघौचघाट थाने में गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान का अवलोकन किया। पत्नी सुमित्रा देवी की गवाही को अहम साक्ष्य मानते हुए कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया और सजा सुनाई।

