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Sunday, March 29, 2026
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गोपालगंज: अंबेडकर भवन में धूमधाम से मनाया गया बिहार दिवस, जनप्रतिनिधि व अधिकारी रहे मौजूद

गोपालगंज जिले में बिहार दिवस के अवसर पर अंबेडकर भवन में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम का उद्घाटन विधान परिषद सदस्य राजीव कुमार उर्फ गापू बाबू और जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से किया।

इस अवसर पर जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, अपर समाहर्ता राजेश्वरी पांडेय, अपर समाहर्ता सह लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी रोहित कुमार, भू अर्जन पदाधिकारी अनिल कुमार और वरीय कोषागार पदाधिकारी शशिकांत आर्या समेत अन्य अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान बिहार के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विकास की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि राज्य के विकास में आम जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है और सभी को मिलकर बिहार को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास करना चाहिए।

इस मौके पर उपस्थित लोगों ने राज्य की प्रगति और समृद्धि के लिए संकल्प भी लिया। पूरा आयोजन उत्साह, सम्मान और गौरव की भावना से ओतप्रोत रहा

गोपालगंज: विभिन्न थानों में गुंडा परेड, अपराधियों को पुलिस की सख्त चेतावनी

गोपालगंज जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से रविवार को विभिन्न थाना परिसरों में गुंडा परेड का आयोजन किया गया। इस दौरान पूर्व में जेल जा चुके और वर्तमान में जमानत पर बाहर चल रहे आरोपितों को थानों में बुलाकर उनकी गतिविधियों की समीक्षा की गई।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी के निर्देश पर एक साथ कई थानों—माधोपुर, उचकागांव, कुचायकोट, गोपालपुर सहित अन्य क्षेत्रों में की गई। परेड के दौरान थानाध्यक्षों ने आरोपितों से आमने-सामने बातचीत कर उनकी वर्तमान स्थिति, व्यवहार और गतिविधियों की जानकारी ली।

पुलिस अधिकारियों ने सभी आरोपितों को सख्त हिदायत दी कि वे भविष्य में किसी भी आपराधिक गतिविधि से दूर रहें, अन्यथा उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्हें नियमित रूप से थाना में हाजिरी देने और संदिग्ध गतिविधियों से दूर रहने के निर्देश दिए गए।

पुलिस का कहना है कि गुंडा परेड का उद्देश्य अपराधियों में कानून का डर बनाए रखना और जिले में शांति व्यवस्था कायम रखना है। जिन लोगों का आपराधिक इतिहास रहा है, उन पर विशेष निगरानी रखने के लिए यह एक प्रभावी तरीका माना जाता है।

स्थानीय पुलिस ने स्पष्ट किया कि आगे भी समय-समय पर इस तरह के अभियान चलाए जाएंगे, ताकि अपराध पर नियंत्रण रखा जा सके और आम जनता में सुरक्षा का माहौल बना रहे।

गोपालगंज/थावे: दुर्गा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से मारपीट, नवरात्रि में बवाल

गोपालगंज जिले के प्रसिद्ध सिद्धपीठ थावे दुर्गा मंदिर परिसर में नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं से जबरन प्रसाद खरीदने का दबाव बनाया गया और विरोध करने पर दुकानदारों ने गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया। इस घटना में महिला समेत कई श्रद्धालु घायल हो गए, जिनमें एक डॉक्टर भी शामिल हैं।

घटना के बाद घायलों को तत्काल थावे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायल श्रद्धालु डॉ. नीतीश कुमार और बृजेश कुमार कुशवाहा ने बताया कि वे सीवान जिले के महाराजगंज से पूजा करने आए थे। मंदिर परिसर में दुकानदार जबरन प्रसाद दे रहे थे, मना करने पर विवाद बढ़ा और मारपीट शुरू हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। डीएम पवन कुमार सिन्हा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सदर एसडीएम और एसडीपीओ को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने अब तक आठ आरोपियों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने का निर्णय लिया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

गोपालगंज/थावे: डीएम के आदेश पर रहशू मंदिर से सात दुकानें हटाई गईं, आरोपियों की तलाश जारी

गोपालगंज जिले के थावे में श्रद्धालुओं से मारपीट के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। डीएम पवन कुमार सिन्हा के निर्देश पर रहशू मंदिर परिसर में अवैध रूप से संचालित सात दुकानों को हटवा दिया गया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में प्रशासन की सक्रियता और सख्ती साफ नजर आई।

जानकारी के अनुसार, मंदिर परिसर में प्रसाद खरीदने को लेकर श्रद्धालुओं और दुकानदारों के बीच विवाद हुआ था, जो मारपीट में बदल गया। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। बीडीओ अजय प्रकाश राय और टीओपी प्रभारी धीरज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दुकानों को हटवाया।

हटाई गई दुकानों में मोहित साह, राघव साह की दो-दो दुकानें, लक्ष्मण साह, अमित साह की दो दुकानें और सोनू मांझी की दुकान शामिल हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी तरह की अव्यवस्था और श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

साथ ही, घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए थावे थानाध्यक्ष विभा कुमारी के नेतृत्व में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। हालांकि फिलहाल सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

प्रशासन का कहना है कि मंदिर परिसर में शांति और व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।

देवरिया : मेडिकल कॉलेज में सीएमएस का औचक निरीक्षण, अनुपस्थित डॉक्टरों पर सख्ती

देवरिया के महर्षि देवरहवा मेडिकल कॉलेज में रविवार शाम करीब 5 बजे सीएमएस डॉ. एच.के. मिश्रा ने औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखी। उनके अचानक पहुंचने से अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।

निरीक्षण की शुरुआत सर्जिकल वार्ड से हुई, जहां एक एमपीडब्ल्यू बिना यूनिफॉर्म के ड्यूटी करते हुए मिला। इस पर सीएमएस ने नाराजगी जताते हुए कर्मचारी को कड़ी फटकार लगाई और भविष्य में ड्रेस कोड का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों की उपस्थिति जांची, जिसमें जूनियर रेजिडेंट डॉ. नितिन यादव अनुपस्थित पाए गए। इस पर तत्काल नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया।

सीएमएस ने पुरुष और महिला सर्जिकल व मेडिकल वार्ड, ऑर्थोपेडिक्स सहित कई विभागों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों से सीधे बातचीत कर इलाज और सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण में कुछ अन्य डॉक्टर भी अनुपस्थित मिले और कई कर्मचारी बिना यूनिफॉर्म के काम करते पाए गए।

डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि मरीजों को बेहतर इलाज देना प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी स्टाफ को यूनिफॉर्म और आई-कार्ड अनिवार्य रूप से पहनने के निर्देश दिए।

इस कार्रवाई के बाद अस्पताल प्रशासन में सतर्कता बढ़ गई है और कर्मचारियों को नियमों के पालन के निर्देश दिए गए हैं।

देवरिया: साइबर ठगी के आरोपी की 31 लाख की संपत्ति कुर्क, महुआडीह पुलिस की बड़ी कार्रवाई

देवरिया जिले में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना महुआडीह पुलिस ने दूरसंचार और आईटी एक्ट से जुड़े एक आरोपी की अवैध संपत्ति कुर्क कर दी है। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर की गई, जिसमें करीब 31 लाख 31 हजार 680 रुपये की अचल संपत्ति को जब्त किया गया।

जानकारी के अनुसार, 3 दिसंबर 2025 को साइबर क्राइम, एसओजी, कोतवाली पुलिस और बीएसएनएल की संयुक्त टीम ने रामगुलाम टोला से तेज नारायण सिंह को गिरफ्तार किया था। आरोपी पर अंतरराष्ट्रीय कॉल को लोकल कॉल में बदलकर फर्जी तरीके से आर्थिक लाभ कमाने का आरोप है। मौके से सिम बॉक्स, सिम कार्ड, एंटीना, लैपटॉप और राउटर जैसे उपकरण भी बरामद किए गए थे।

इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, दूरसंचार अधिनियम और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी ने इस अवैध कमाई से संपत्ति अर्जित की थी।

प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार राय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर उक्त संपत्ति को कुर्क किया। कुर्क की गई संपत्ति रामगुलाम टोला क्षेत्र में स्थित है।

पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

देवरिया/गोरखपुर: फर्जी पत्नी बनकर 18.80 लाख की ठगी, संपत्ति कब्जाने की साजिश

देवरिया और गोरखपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां खुद को मृतक की पत्नी बताकर लाखों रुपये की ठगी और संपत्ति हड़पने की कोशिश की गई। कैंट थाना क्षेत्र में कोर्ट के आदेश पर इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

खोराबार के रानीडीहा निवासी राजीव रंजन सिंह ने आरोप लगाया है कि देवरिया के एकौना निवासी रीमा सिंह समेत कई लोगों ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और धोखाधड़ी को अंजाम दिया। शिकायत के अनुसार, राजीव के माता-पिता के बीच वर्ष 2016 में ही विवाह विच्छेद हो चुका था, इसके बावजूद आरोपी महिला ने खुद को उनके पिता की पत्नी बताकर संपत्ति पर दावा कर दिया।

आरोप है कि रीमा सिंह ने तहसील गोला में वरासत का मुकदमा दाखिल कर मौजा धोबौली की जमीन पर अपना नाम दर्ज कराने की कोशिश की। विरोध करने पर मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

इसके अलावा, आरोपियों ने फर्जी कागजात के आधार पर केनरा बैंक और पूर्वांचल ग्रामीण बैंक से कुल 18.80 लाख रुपये की एफडी और नकदी भी निकाल ली। इस साजिश में हीरालाल मल्ल, बलराम, नर्वदे और नंदू समेत अन्य लोगों के शामिल होने का आरोप है।

पीड़ित ने थाने में सुनवाई न होने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी संजय कुमार सिंह के अनुसार, मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

देवरिया: साढ़े चार साल से लंबित जांच पर डीडीओ सख्त, चार सचिवों को नोटिस

देवरिया जिले में ग्राम पंचायत छपिया की अनियमितताओं से जुड़ी जांच करीब साढ़े चार साल से लंबित होने पर जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) ने कड़ा रुख अपनाया है। अभिलेख उपलब्ध न कराए जाने के कारण जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी, जिस पर अब जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा गया है।

मामला भाटपाररानी विकास खंड के ग्राम पंचायत छपिया का है, जहां निवासी वशिष्ठ मणि तिवारी ने पूर्व प्रधान के खिलाफ शिकायत दर्ज कर जांच की मांग की थी। इस पर 18 नवंबर 2021 को तत्कालीन जिलाधिकारी ने जिला सेवायोजन अधिकारी और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता को जांच अधिकारी नियुक्त किया था।

जांच के दौरान 11 सितंबर 2023 को सहायक अभियंता ने रिपोर्ट दी कि एडीओ पंचायत भाटपाररानी द्वारा आवश्यक मूल दस्तावेज और अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, जिससे जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। इस पर संबंधित सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन बार-बार अनुस्मारक भेजने के बावजूद न तो अभिलेख प्रस्तुत किए गए और न ही कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण दिया गया।

शिकायतकर्ता द्वारा आईजीआरएस पोर्टल पर लगातार शिकायतें दर्ज कराई जाती रही हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है। अब डीडीओ ने वर्तमान में विभिन्न विकास खंडों में तैनात चार सचिवों—वीरेंद्र सिंह, संदीप यादव, मनीष श्रीवास्तव और कुंवर धर्मेंद्र देव—को नोटिस जारी कर तत्काल जवाब देने का निर्देश दिया है।

डीडीओ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मूल अभिलेख और स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किए गए, तो संबंधित सचिवों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

देवरिया: 37 हजार का बैकलॉग, गैस संकट से जूझ रहे उपभोक्ता

देवरिया जिले में रसोई गैस का संकट अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। हालात यह हैं कि करीब 37 हजार उपभोक्ताओं का बैकलॉग बना हुआ है, जबकि प्रतिदिन केवल लगभग 13 हजार सिलिंडरों की ही आपूर्ति हो पा रही है। दूसरी ओर, रोजाना करीब 10 हजार नए उपभोक्ता गैस बुकिंग करा रहे हैं, जिससे मांग और आपूर्ति के बीच अंतर अभी भी बना हुआ है।

होली के बाद अचानक बढ़ी मांग ने जिले की गैस वितरण व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। जिले में करीब 78 गैस एजेंसियों के माध्यम से साढ़े सात लाख से अधिक घरेलू कनेक्शन धारक हैं। त्योहार के दौरान सिलिंडर तेजी से खाली हुए और आपूर्ति कम रहने के कारण 10 से 15 मार्च के बीच हालात बेहद खराब हो गए। हर एजेंसी और गोदाम पर लंबी कतारें लग गईं।

प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए होम डिलीवरी व्यवस्था को फिर से सक्रिय किया और पेट्रोलियम कंपनियों के साथ बैठक कर आपूर्ति बढ़ाने का प्रयास किया। इसके बाद अब आपूर्ति बढ़कर करीब 13 हजार सिलिंडर प्रतिदिन तक पहुंच गई है, जिससे कुछ हद तक राहत मिलने लगी है।

जिलापूर्ति अधिकारी संजय पांडेय के अनुसार, पहले दैनिक बुकिंग 20 हजार से ऊपर पहुंच गई थी, जो अब घटकर करीब 10 हजार रह गई है। लगातार आपूर्ति बढ़ने से बैकलॉग भी धीरे-धीरे कम हो रहा है। उम्मीद है कि ईद के बाद स्थिति में और सुधार होगा।

फिलहाल उपभोक्ताओं को अब भी समय पर सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बनी हुई है।

देवरिया/भागलपुर: गैस किल्लत के बीच कालाबाजारी के आरोप, एजेंसियों की भूमिका पर उठे सवाल

देवरिया जिले के भागलपुर क्षेत्र में रसोई गैस की किल्लत के बीच कालाबाजारी के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। एचपी गैस एजेंसी सहित कई एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं, वहीं लोगों का आरोप है कि बुकिंग के बावजूद सिलिंडर समय पर नहीं मिल रहा। इससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है और नाराजगी भी साफ नजर आ रही है।

उपभोक्ताओं का कहना है कि घरेलू गैस सिलिंडर खुलेआम होटल, रेस्टोरेंट और ठेलों पर इस्तेमाल हो रहे हैं, जो सीधे तौर पर कालाबाजारी की ओर इशारा करता है। बावजूद इसके प्रशासन केवल दुकानदारों पर कार्रवाई कर रहा है, जबकि गैस एजेंसियों की भूमिका की जांच नहीं की जा रही। लोगों का सवाल है कि जब वितरण एजेंसी के माध्यम से होता है तो सिलिंडर आखिर ब्लैक कैसे हो रहे हैं।

पथरदेवा निवासी सोबराती और अन्य उपभोक्ताओं का आरोप है कि कई मामलों में उपभोक्ताओं के नाम पर बुक सिलिंडर किसी और को बेच दिए जा रहे हैं। कुछ लोगों के खाते में सब्सिडी का पैसा पहुंच गया, लेकिन उन्हें सिलिंडर नहीं मिला। इससे संदेह और गहरा हो गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, एजेंसियों पर उपभोक्ताओं के दस्तावेज मौजूद रहते हैं, जिनका इस्तेमाल कर फर्जी बुकिंग की जाती है। ऐसे सिलिंडर सीधे बाजार में ऊंचे दामों पर बेचे जा रहे हैं। जानकारों का कहना है कि अगर प्रशासन निष्पक्ष जांच कराए तो पूरा नेटवर्क सामने आ सकता है, क्योंकि हर बुकिंग और डिलीवरी का रिकॉर्ड मौजूद होता है।

फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई केवल दुकानदारों तक सीमित है, जिससे असली जिम्मेदारों पर सवाल उठ रहे हैं और लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।