गोपालगंज में कालाजार के खिलाफ घर-घर छिड़काव अभियान 21 जुलाई से शुरू
जिले में कालाजार को जड़ से खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग 21 जुलाई 2025 से 60 दिवसीय इंडोर रेसिडुअल स्प्रे (IRS) अभियान शुरू कर रहा है। इस अभियान के तहत प्रभावित क्षेत्रों में घरों की दीवारों और भीतर की सतहों पर कीटनाशक का छिड़काव किया जाएगा, ताकि कालाजार फैलाने वाले सैंड फ्लाई मच्छरों का प्रजनन रोका जा सके।
अभियान से पहले छिड़काव कर्मियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
रीजनल ट्रेनिंग सेंटर, गोपालगंज के सभाकक्ष में एक दिवसीय जिलास्तरीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें फील्ड वर्कर्स को छिड़काव की तकनीक, सुरक्षा के उपाय, दस्तावेजीकरण और समुदाय को जागरूक करने की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का नेतृत्व डॉ. सुषमा शरण ने किया और तकनीकी सहयोग पिरामल फाउंडेशन व अन्य विशेषज्ञों ने प्रदान किया।
छिड़काव की सफलता कालाजार रोकथाम की अहम कड़ी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह छिड़काव अभियान कालाजार की रोकथाम में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रशिक्षित कर्मी अभियान के दौरान सुरक्षित और प्रभावी तरीके से काम करेंगे और अधिक से अधिक घरों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा, जिससे संक्रमण पर नियंत्रण पाया जा सके।
छिड़काव के बाद तीन महीने तक न करें दीवारों की लिपाई-पोताई
जिला वेक्टर रोग सलाहकार अमित कुमार ने बताया कि छिड़काव से पहले घर की दीवारों के छिद्र बंद करें और खाने-पीने की वस्तुएं, बर्तन आदि सुरक्षित स्थान पर रखें। कीटनाशक के छिड़काव के बाद दो घंटे तक घर खाली रखें और छिड़काव के कम-से-कम तीन महीने तक दीवारों पर कोई रंगाई-पुताई या लिपाई न करें, ताकि उसका प्रभाव बना रहे।
क्या है कालाजार और कैसे करें बचाव?
कालाजार एक जानलेवा बीमारी है, जो मादा सैंड फ्लाई के काटने से होती है। इसके लक्षणों में लंबे समय तक बुखार, तिल्ली व जिगर का बढ़ना, खून की कमी और त्वचा का काला पड़ना शामिल है। समय पर समुचित इलाज से इस बीमारी से पूरी तरह बचा जा सकता है। जिले के सदर अस्पताल में कालाजार के इलाज की व्यवस्था उपलब्ध है।

