गोपालगंज सदर अस्पताल में हंगामा, महिलाओं ने अज्ञात बच्चे को पाने के लिए किया सड़क जाम
गोपालगंज जिले के नगर थाना क्षेत्र स्थित सदर अस्पताल के मुख्य गेट पर सोमवार को सैकड़ों महिलाओं ने जमकर हंगामा किया। महिलाओं ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि अस्पताल प्रशासन ने उस अज्ञात बच्चे को उनसे छीन लिया है, जिसे उन्होंने लावारिस हालत में पाया था।
घटना की जानकारी मिलते ही नगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और सख्ती दिखाते हुए जाम कर रही महिलाओं को हटाकर यातायात बहाल कराया। इस दौरान सड़कों के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
बताया जाता है कि कुचायकोट प्रखंड के दुबे खरेया गांव की गीता देवी पांच नवंबर को यूपी के तमकुही रोड शिवा घाट गंगा स्नान करने गई थीं, जहां उन्हें एक बच्चा मिला। वह उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लाईं। अस्पताल प्रशासन ने सूचना मिलने पर दत्तक ग्रहण संस्थान को बुलाया। टीम ने बच्चे को अपने कब्जे में ले लिया, लेकिन गीता देवी ने बच्चे पर अपना दावा जताया और कहा कि उनके सात बेटियां हैं, कोई बेटा नहीं है, इसलिए वे उस बच्चे की परवरिश करना चाहती हैं।
संस्थान के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी परित्यक्त बच्चे को गोद लेने की कानूनी प्रक्रिया होती है, जिसका पालन जरूरी है। बच्चे को सीधे किसी व्यक्ति को नहीं सौंपा जा सकता। फिलहाल बच्चा दत्तक ग्रहण संस्थान की देखरेख में है और कानूनी कार्रवाई जारी है।
सोमवार को गीता देवी दोबारा सैकड़ों महिलाओं के साथ अस्पताल पहुंचीं और बच्चे को वापस देने की मांग करने लगीं। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया और जाम को समाप्त कराया। फिलहाल स्थिति सामान्य है।


