गोपालगंज। मॉडल सदर अस्पताल में शनिवार को बिजली गुल होने से ढाई घंटे तक अंधेरा छाया रहा, जिससे OPD और आपातकालीन सेवाओं में आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बीच एक मरीज के टूटे हाथ का प्लास्टर मोबाइल टॉर्च की रोशनी में किया गया, जिसने अस्पताल प्रशासन की तैयारी और प्रबंधन पर सवाल खड़ा कर दिया है। मरीज और परिजन इस बात को लेकर चिंतित रहे कि अंधेरे में किया गया प्लास्टर सही तरीके से हो भी पाया या नहीं।
प्लास्टर कराने आए युवक ने बताया कि वे एक से दो घंटे से अस्पताल में थे, लेकिन लगातार बिजली कटौती के कारण इलाज बाधित रहा। उन्होंने कहा कि मोबाइल की रोशनी में प्लास्टर करवाना मजबूरी थी, लेकिन इससे इलाज की गुणवत्ता को लेकर संदेह बना हुआ है। मरीज ने यह भी कहा कि 43 करोड़ की लागत से तैयार मॉडल अस्पताल में न तो बेहतर बिजली व्यवस्था नजर आती है, न ही सीसीटीवी और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। बड़ी संख्या में मरीज अंधेरे में परेशान बैठे रहे और बिजली आने का इंतजार करते रहे।
स्थानीय लोगों और मरीजों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जेनरेटर होते हुए भी उसका संचालन न होना एक गंभीर लापरवाही है, जो मरीजों की जान जोखिम में डाल सकती है। उन्होंने मांग की कि इस घटना की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए और ऐसी स्थिति को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

