गोपालगंज में शिक्षा विभाग पर एक गंभीर आरोप सामने आया है। जिले के बरौली प्रखंड में प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक मोहम्मद गयासुद्दीन ने स्थापना शाखा में पदस्थापित डीपीओ साहेब आलम और कार्यालय के क्लर्क बाबू जान पर सैलरी फिक्सेशन के नाम पर 8 लाख रुपये की घूस मांगने का आरोप लगाया है। शिक्षक द्वारा दोनों अधिकारियों से बातचीत का कथित ऑडियो क्लिप भी वायरल हो रहा है, जो मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।
शिक्षक का कहना है कि उसका वेतन कई वर्षों से लंबित था, जिसके बाद उसने पटना हाई कोर्ट में याचिका दायर की। अदालत के आदेश के अनुपालन में विभाग ने करीब 22 लाख रुपये वेतन भुगतान का निर्देश जारी किया और पिछले महीने राशि जारी भी की गई। आरोप यह है कि इसी भुगतान के बाद उससे 8 लाख रुपये की मांग की जाने लगी। शिक्षक के अनुसार, पैसे नहीं देने पर उसे धमकियां देने की भी बात सामने आई है। इस संबंध में उसने सदर एसडीएम और डीईओ को लिखित शिकायत भी की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने की बात कही है।
दूसरी ओर, डीपीओ साहेब आलम ने कैमरे पर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार किया, लेकिन ऑफ द रिकॉर्ड उन्होंने दावा किया कि किसी भी तरह की धनराशि की मांग नहीं की गई है। उनके अनुसार फिक्सेशन संबंधित कुछ दस्तावेजों में तकनीकी त्रुटियां हैं, जिसकी वजह से कार्य लंबित है। वहीं, क्लर्क बाबू जान ने भी रुपये मांगने और धमकाने के आरोप को सिरे से खारिज किया है।
इस मामले को अब बिहार विधान परिषद में भी उठाया गया है। एमएलसी वंशीधर बृजवासी ने सदन में इस प्रकरण को गंभीरता से उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल, मामले की सच्चाई क्या है यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब यह मामला शिक्षा मंत्री सुनील कुमार के गृह जिले का है, तो क्या जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज होगी, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

