गोपालगंज: महम्मदपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्यमणपुर गांव में सोमवार देर रात ठंड से बचाव के लिए जलाई गई घूर (अलाव) एक बड़े हादसे की वजह बन गई। अलाव से निकली चिंगारी से झोपड़ी में आग लग गई, जिसमें अंदर सो रहे एक बुजुर्ग की झुलसकर मौत हो गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के अनुसार, लक्ष्यमणपुर गांव निवासी 80 वर्षीय लाल बच्चन महतो सोमवार रात भोजन करने के बाद बथान में बनी अपनी झोपड़ी में सोने चले गए थे। ठंड से बचने के लिए स्वजनों ने झोपड़ी के पास घूर यानी अलाव जला रखा था। रात के दौरान अलाव की चिंगारी झोपड़ी में जा लगी, जिससे देखते ही देखते आग फैल गई।
आग की चपेट में आने से बुजुर्ग गंभीर रूप से झुलस गए। जब तक परिजन और ग्रामीण आग पर काबू पाते, तब तक उनकी हालत काफी बिगड़ चुकी थी। ग्रामीणों ने आग बुझाकर उन्हें इलाज के लिए झझवा पीएचसी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलते ही महम्मदपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। महम्मदपुर थानाध्यक्ष श्याम नारायण प्रसाद ने बताया कि प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण अलाव से निकली चिंगारी प्रतीत हो रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
गौरतलब है कि ठंड के मौसम में अलाव व अंगेठी के उपयोग से हादसों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। प्रशासन और पुलिस लोगों से सतर्कता बरतने की अपील कर रही है।

