मांझागढ़ / गोपालगंज। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मांझागढ़ क्षेत्र में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। रविवार की सुबह से ही शिव भक्त विभिन्न शिव मंदिरों में पहुंचकर शिवलिंग पर जलाभिषेक कर भगवान शिव से मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करते नजर आए। मांझागढ़ राज दरबार स्थित शिव मंदिर के समीप लगे मेले और दानापुर स्थित प्राकृतिक शिव मंदिर के पास आयोजित मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
सनातन परंपरा के अनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना और जलाभिषेक का विधान है। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए मांझागढ़ शिव मंदिर और दानापुर प्राकृतिक शिवलिंग स्थल पर सदियों से मेले का आयोजन किया जाता रहा है। भक्त भगवान शिव के दर्शन के साथ-साथ मेले का भी भरपूर आनंद लेते हैं।
मेले में उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मांझागढ़ थाना प्रभारी निरंजन कुमार के नेतृत्व में पुलिस पदाधिकारी और ग्रामीण पुलिस बल तैनात रहे, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार दानापुर में स्थित प्राकृतिक शिवलिंग की महिमा अपार है। कहा जाता है कि सैकड़ों वर्ष पूर्व मांझागढ़ राज की भूमि पर खुदाई के दौरान यह शिवलिंग प्रकट हुआ था, जिससे रक्तधारा निकलती देख ग्रामीण भयभीत हो गए थे। सूचना मिलने पर तत्कालीन राजा मौके पर पहुंचे और भगवान शिव के स्वप्न संदेश के बाद उसी स्थान पर शिवलिंग की पूजा-अर्चना प्रारंभ कराई गई। तभी से फाल्गुन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को यहां मेला और जलाभिषेक की परंपरा चली आ रही है।
मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई पूजा से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि हर वर्ष महाशिवरात्रि पर दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु दानापुर और मांझागढ़ पहुंचकर जलाभिषेक करते हैं। शिव भक्तों के सहयोग से अब दानापुर में प्राकृतिक शिव मंदिर का भव्य स्वरूप भी तैयार हो चुका है।

