गोपालगंज। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गोपालगंज के तत्वावधान में रविवार को पंचदेवरी प्रखंड के खालगांव पंचायत भवन परिसर में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न कानूनों, सरकारी योजनाओं और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार सिंह तथा पीएलवी अखिलेश कुमार ठाकुर की टीम ने उपस्थित ग्रामीणों को गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन पर प्रतिबंध) अधिनियम 1994, दहेज अधिनियम, महिलाओं से संबंधित कानून, नालसा आशा योजना 2025, बाल विवाह मुक्त भारत अभियान, राष्ट्रीय लोक अदालत, सुप्रीम कोर्ट मिडिल इनकम ग्रुप लीगल एड स्कीम, वीर परिवार सहायता योजना तथा मेडिएशन फॉर नेशन 2.0 सहित कई महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी।
अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम का मुख्य उद्देश्य लिंग चयन पर रोक लगाना और भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करना है। वहीं दहेज लेना और देना दोनों ही कानूनन अपराध है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
कार्यक्रम में महिलाओं के अधिकारों और उनसे जुड़े कानूनों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें शारीरिक, यौन, मौखिक, भावनात्मक और आर्थिक दुर्व्यवहार के विभिन्न रूपों के बारे में बताते हुए महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की गई।
इसके साथ ही आगामी 14 मार्च 2026 को व्यवहार न्यायालय परिसर, गोपालगंज में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में भी जानकारी दी गई। लोगों को बताया गया कि बैंक ऋण, पारिवारिक विवाद, ग्राम कचहरी के मामले, सुलहनीय आपराधिक मामले, श्रम विवाद और अन्य मामलों का निपटारा आपसी समझौते के आधार पर लोक अदालत में किया जा सकता है।
कार्यक्रम में बाल विवाह के खिलाफ भी लोगों को जागरूक किया गया। बताया गया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और इसकी सूचना टोल फ्री नंबर 1098 या 15100 पर दी जा सकती है ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
कार्यक्रम के दौरान मुफ्त विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया और पात्र व्यक्तियों को मुफ्त अधिवक्ता उपलब्ध कराने की जानकारी भी दी गई। अंत में पीएलवी अखिलेश कुमार ठाकुर द्वारा उपस्थित लोगों के बीच विभिन्न योजनाओं से संबंधित हैंडबिल वितरित किए गए।
इस अवसर पर खालगांव पंचायत के मुखिया, सरपंच, अन्य जनप्रतिनिधि, स्थानीय ग्रामीण तथा बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।

