गोपालगंज में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से सेवलाइफ फाउंडेशन और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के सहयोग से बेसिक ट्रॉमा लाइफ सपोर्ट (BTLS) प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण 12 मार्च को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें 44 कानून प्रवर्तन एजेंटों और एनएचएआई अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी सह कलेक्टर पवन कुमार सिन्हा ने की। प्रशिक्षण का उद्देश्य सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती समय यानी ‘गोल्डन आवर’ में सही प्रतिक्रिया देकर घायलों की जान बचाने की क्षमता विकसित करना था।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR), रक्तस्राव नियंत्रण और सर्वाइकल स्पाइन स्थिरीकरण जैसे जीवन रक्षक कौशल सिखाए गए। साथ ही दुर्घटना स्थल पर घायलों की पहचान, प्राथमिक आकलन और घटनास्थल की सुरक्षा प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई।
जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने कहा कि एनएच-27 पर सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए एनएचएआई और पुलिस विभाग को इस कॉरिडोर के संवेदनशील स्थानों पर इलेक्ट्रॉनिक प्रवर्तन बढ़ाने और अनधिकृत मीडियन कट को बंद करने जैसे उपाय करने होंगे। साथ ही आपातकालीन प्रतिक्रिया समय कम करने के लिए एंबुलेंस की बेहतर तैनाती पर भी जोर दिया जाएगा।
सेवलाइफ फाउंडेशन के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीयूष तिवारी ने कहा कि सड़क दुर्घटना के समय प्रशिक्षित प्रथम प्रतिसादकर्ता कई बार पीड़ितों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसी उद्देश्य से यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
उन्होंने बताया कि सेवलाइफ फाउंडेशन अब तक देशभर में 26 हजार से अधिक कानून प्रवर्तन एजेंटों और नागरिक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दे चुका है, जिससे सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर सहायता मिलने में मदद मिली है।

