देवरिया में राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान शुरू देवरिया जिले सहित पूरे उत्तर प्रदेश में 1 जुलाई से 30 सितंबर 2025 तक “राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान” चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य अदालतों में वर्षों से लंबित मामलों का त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान करना है। ऐसे मामले जिनमें आपसी सहमति से हल संभव है, उन्हें अदालत से बाहर मध्यस्थता केंद्रों के माध्यम से सुलझाया जा रहा है। विवाहिक, उपभोक्ता और सिविल विवादों का होगा समाधान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि वैवाहिक विवाद, घरेलू हिंसा, दुर्घटना दावा, चेक बाउंस, उपभोक्ता मामले, सेवा विवाद, ऋण वसूली, बंटवारा और भूमि अधिग्रहण जैसे कई सिविल मामले इस अभियान के तहत मध्यस्थता से सुलझाए जा सकते हैं। इसके लिए प्रशिक्षित मध्यस्थों की सहायता ली जाती है। माननीय न्यायाधीशों के निर्देशन में संचालित हो रहा है अभियान यह अभियान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष श्री राम मिलन सिंह के मार्गदर्शन और अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव श्री मनोज कुमार तिवारी के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। न्यायिक अधिकारियों की देखरेख में यह अभियान निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ चलाया जा रहा है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से उपलब्ध सुविधा मध्यस्थता प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय, सम्मानजनक और पारदर्शी होती है। यह प्रक्रिया पक्षकारों की सुविधा के अनुसार ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन दोनों तरीकों से संचालित की जा सकती है। यदि मध्यस्थता सफल होती है तो मामला अदालत से समाप्त कर दिया जाता है, और असफल होने पर भी वादी को कोई नुकसान नहीं होता। जनता से की गई भागीदारी की अपील देवरिया जिले के नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने लंबित मामलों को शीघ्रता से निपटाने के लिए मध्यस्थता प्रक्रिया का लाभ उठाएं। अधिक जानकारी के लिए नागरिक जिला न्यायालय, तहसील विधिक सेवा समिति या टोल फ्री नंबर 18004190234 और 15100 पर संपर्क कर सकते हैं।

BySumant Kumar

Jul 18, 2025

देवरिया में राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान शुरू
देवरिया जिले सहित पूरे उत्तर प्रदेश में 1 जुलाई से 30 सितंबर 2025 तक “राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान” चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य अदालतों में वर्षों से लंबित मामलों का त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान करना है। ऐसे मामले जिनमें आपसी सहमति से हल संभव है, उन्हें अदालत से बाहर मध्यस्थता केंद्रों के माध्यम से सुलझाया जा रहा है।

विवाहिक, उपभोक्ता और सिविल विवादों का होगा समाधान
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि वैवाहिक विवाद, घरेलू हिंसा, दुर्घटना दावा, चेक बाउंस, उपभोक्ता मामले, सेवा विवाद, ऋण वसूली, बंटवारा और भूमि अधिग्रहण जैसे कई सिविल मामले इस अभियान के तहत मध्यस्थता से सुलझाए जा सकते हैं। इसके लिए प्रशिक्षित मध्यस्थों की सहायता ली जाती है।

माननीय न्यायाधीशों के निर्देशन में संचालित हो रहा है अभियान
यह अभियान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष श्री राम मिलन सिंह के मार्गदर्शन और अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव श्री मनोज कुमार तिवारी के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। न्यायिक अधिकारियों की देखरेख में यह अभियान निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ चलाया जा रहा है।

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से उपलब्ध सुविधा
मध्यस्थता प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय, सम्मानजनक और पारदर्शी होती है। यह प्रक्रिया पक्षकारों की सुविधा के अनुसार ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन दोनों तरीकों से संचालित की जा सकती है। यदि मध्यस्थता सफल होती है तो मामला अदालत से समाप्त कर दिया जाता है, और असफल होने पर भी वादी को कोई नुकसान नहीं होता।

जनता से की गई भागीदारी की अपील
देवरिया जिले के नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने लंबित मामलों को शीघ्रता से निपटाने के लिए मध्यस्थता प्रक्रिया का लाभ उठाएं। अधिक जानकारी के लिए नागरिक जिला न्यायालय, तहसील विधिक सेवा समिति या टोल फ्री नंबर 18004190234 और 15100 पर संपर्क कर सकते हैं।

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