निरीक्षण का उद्देश्य और नेतृत्व
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया के सचिव एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने 05 जुलाई 2025 को जिला कारागार देवरिया का औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण माननीय जनपद न्यायाधीश और प्राधिकरण के अध्यक्ष राम मिलन सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। उद्देश्य था – निरुद्ध कैदियों की स्थिति की समीक्षा करना और उनकी रिहाई के लिए प्रभावी कदम उठाना।

यूटीआरसी कैंपेन के अंतर्गत बंदियों से सीधी बातचीत
निरीक्षण के दौरान सचिव ने यूटीआरसी कैंपेन-3 के अंतर्गत चिन्हित बंदियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। उन्होंने उनके मामलों को समझते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि विधिक प्रक्रिया को शीघ्र गति दें और बंदियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराएं।

विचाराधीन बंदियों पर विशेष फोकस
निरीक्षण में विशेष ध्यान उन विचाराधीन बंदियों पर दिया गया, जिनके विरुद्ध अधिकतम 7 वर्ष की सजा से जुड़े आपराधिक विचारण लंबित हैं। सचिव ने कहा कि ऐसे मामलों की शीघ्र सुनवाई सुनिश्चित की जाए ताकि न्याय में अनावश्यक देरी न हो।

बंदियों की समस्याओं को लेकर निर्देश
सचिव ने जेल में निरुद्ध बंदियों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने, ज़मानतदार की सुविधा दिलाने, नियमित दवाओं की उपलब्धता और महिला कैदियों के साथ रह रहे छोटे बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था जैसे कई अहम निर्देश अधिकारियों को दिए।

विधिक सहायता व स्वच्छता को लेकर प्राधिकरण की प्रतिबद्धता
निरीक्षण के अंत में सचिव ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बंदियों को हरसंभव कानूनी सहायता और विधिक साक्षरता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जेल प्रशासन को स्वच्छता व्यवस्था पर भी ध्यान देने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक प्रेम सागर शुक्ला, डिप्टी जेलर मोतीलाल और लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्य भी उपस्थित रहे।

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