पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के नेतृत्व में साइबर अपराध पर रोकथाम और पीड़ितों को आर्थिक राहत दिलाने हेतु लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में साइबर अपराध के माध्यम से हुई बड़ी धोखाधड़ी में जनपद देवरिया की साइबर क्राइम टीम ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की है।
बासपार बैदा, थाना सुरौली निवासी ज्ञानचंद यादव ऑनलाइन मिनरल वाटर की फ्रेंचाइजी लेने के दौरान साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए थे, जिसमें उनसे कुल 30,00,000 रुपये (तीस लाख रुपये) की ठगी की गई। पीड़ित की शिकायत के बाद साइबर क्राइम थाना देवरिया ने त्वरित एक्शन लेते हुए जांच प्रारम्भ की और तकनीकी विश्लेषण, खाते की निगरानी एवं आवश्यक साक्ष्यों के आधार पर पूरी राशि को फ्रीज कराते हुए नियमानुसार 26.11.2025 को पीड़ित के बैंक खाते में वापस करा दिया।
यह उपलब्धि साइबर सेल की तीव्र कार्यशैली और प्रभावी ट्रैकिंग सिस्टम का परिणाम है, जिससे पीड़ित को पूर्ण आर्थिक राहत मिल सकी। पुलिस ने इसे साइबर सुरक्षा जागरूकता और सतर्कता का उदाहरण बताते हुए नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।
पुलिस की अपील
– किसी भी व्यक्ति को ओटीपी, पासवर्ड या बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
– लुभावने ऑफर, अनजान वेबसाइट, लिंक या एप्लीकेशन पर तुरंत भुगतान न करें।
– किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएँ।
साइबर सेल टीम (देवरिया)
- निरीक्षक अनिल कुमार (प्रभारी साइबर क्राइम थाना)
- कंप्यूटर ऑपरेटर शिवमंगल यादव
- कां. दीपक कुमार
- कां. विजय राय
- मा. का. पूर्णिमा चौधरी
देवरिया पुलिस ने कहा है कि साइबर अपराध पर शून्य सहनशीलता की नीति के तहत आगे भी इस प्रकार की कार्रवाइयाँ जारी रहेंगी।


